इस post में हम आपको बताएंगे फुल full form of BHMS ? BHMS का full form क्या होता है ? BHMS full form in Hindi ? full form of BHMS in Hindi ? BHMS का संपूर्ण नाम क्या होता है? BHMS full form in medical medical full form in doctor ? BHMS इसका क्या अर्थ है ? ये cource कितने वर्ष का होता है ? और BHMS से related अन्य सारी जानकारी आपको मिलेगी।

यदि आप इस course के बारे में जानना चाहते हैं या फिर आप BHMS करना चाहते हैं । और उसके बारे में आपको सारी जानकारी जाननी है, तो आप हमारा यह post तक जरूर पढ़िए।

हम आपको इस post में BHMS से बारे में सारी जानकारी जैसे की full form of BHMS? BHMS कितने वर्ष का होता है? BHMS में कितने subjects पढ़ाए जाते हैं? इसे करने के बाद आपको कितने सैलेरी पैकेज provide हो सकता है या फिर आप और अन्य क्या-क्या कर सकते हैं, इन सब के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी।

Full Form Of BHMS? BHMS का Full Form क्या होता है?

Full Form Of BHMS: “Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery”

Full Form of BHMS In hindi : “होम्योपैथिक चिकित्सा सर्जरी स्नातक” 

What is the meaning of BHMS ? BHMS का अर्थ क्या होता है ?

जैसे कि हमने आपको बताया कि BHMS का full form in English में Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery होता है, और BHMS का full form in Hindi या BHMS का full form हिंदी में होता है “होम्योपैथिक चिकित्सा सर्जरी स्नातक”।

तो हम आपको इसका अर्थ बता देते हैं कि क्या होता है।जैसे कि आपने इस का full form जान ही लिया है, तो अब आपको हम बताते हैं कि BHMS का क्या अर्थ होता है? इसलिए आपको भी BHMS के बारे में अन्य जानकारी भी बताते है ।

सबसे पहले आपको बता दें कि BHMS को मेडिकल क्षेत्र का स्नातक डिग्री कहा जाता है या फिर आप कह सकते हैं BHMS मेडिकल क्षेत्र का एक bachelor degree है।

मेडिसिनल क्षेत्र में अन्य भी bachelor degree आपने सुनी होगी जो, कि हर एक अलग अलग क्षेत्र में हैं। जैसे कि आप जानते हैं कि मेडिसिन में 3 क्षेत्र मुख्य रूप से होते हैं। एक एलोपैथिक (English) होम्योपैथी और आयुर्वेदिक।

इन तीनों मेडिकल क्षेत्रों में bachelor degree और masteres degree या आप कह सकते हैं स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री हैं। BHMS इन ही मेडिकल क्षेत्र के होम्योपैथिक क्षेत्र का एक bachelor या कह सकते हैं स्नातक डिग्री है।

आपको बता दें कि यह आज के समय का भारत में सबसे ज्यादा लोकप्रिय होने वाला मेडिकल क्षेत्र है। इसके भी कुछ कारण है जो हम आपको बताने वाले हैं।

शायद यह बात आपको पता होगी या शायद से नहीं भी पता हो सकती है, तो हम आपको बता दें कि जैसे कि भारत में सभी लोग अधिकतर एलोपैथिक (English) दवाइयों का अधिक मात्रा में उपयोग किया जाता हैं या अधिकतर उन्हें ही इस्तेमाल में लेते हैं। परंतु जैसे की अंग्रेजी दवाइयों का असर जल्दी और fast होता है, उसी तरह उनके कुछ side effects भी होते हैं।

आपको पता ही होगा की अंग्रेजी दवाएं ऐसी होती हैं कि यदि सही दवा ली जाए तो उनका असर बहुत तेजी से होता है। परंतु यदि हम गलत दवा ले ले या फिर उन दवाओं को गलत तरीके से ले ले तो उनका side effects भी हमें बहुत जल्दी और काफी ज्यादा घातक साबित होता है।

अंग्रेजी दवाओं के और भी कई सारे side effects है जैसे की अंग्रेजी दवाएं बहुत ज्यादा पावरफुल होने कारण उनके अधिक सेवन से हमारे किडनी पर असर पड़ता है।

उनके अधिक और गलत इस्तेमाल होने के कारण हमारे किडनी फेल होने के chances अधिक होते हैं। इसलिए डॉक्टर द्वारा कहा जाता है कि भी फिजूल की दर्द की दवाइयां या फिर अन्य दवाइयां बिना डॉक्टर की सलाह के बिना ना खाएं ये आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होता है।

यह दवाइयां काफी ज्यादा पावरफुल होने कारण हमारे शरीर में गर्मी पैदा करती हैं इसलिए कई इंसानो इन दवाइयों को लेने के कारण शरीर की गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाते। और इन दवाइयों के गर्मी के कारण उन्हें कई सारी विकार उत्पन्न होने लगते हैं।

परंतु आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में रहने की लोगों कि आदत सी पड़ गई है। लोगों को हर जगह जल्दी सी मची होती है, प्रत्येक इंसान को हर चीज बहुत जल्दी प्राप्त करनी होती है। यह अंग्रेजी दवाइयां बहुत जल्दी असर करती है। इसलिए इन दवाइयों को लेना अधिकतर लोग पसंद करते हैं।

परंतु आपको हम बता दें कि होम्योपैथिक दवाइयों का ऐसा कोई side effects नहीं होता होम्योपैथिक दवाइयां लक्षणों को देखकर दी जाती है, और इन दवाइयों को यदि आप सही लक्षणों के हिसाब से खा रहे हैं या इसका सेवन कर रहे हैं।

यह दवाइयां आपको थोड़े समय बाद एकदम अच्छे से असर करेंगे परंतु यदि आप गलती से किसी और तकलीफ की दवाइयां किसी और तकलीफ में खा ले तो इसका आपके शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं दिखाई देगा। यही होम्योपैथिक दवाइयों की बहुत बड़ी खूबी है।

होम्योपैथिक medicine treatment का एक अलग ही प्रणाली है। इसमें रोगी को medicines टेबलेट से भी पतले पदार्थ में मिला कर दिया जाता है। होम्योपैथिक दवाइयां इंसानी शरीर के रोगों को ठीक करने के लिए इंसानी शरीर की प्राकृतिक treatment प्रणाली द्वारा असर करती है। इसी कारण यह मरीजों को काफी अधिक फायदेमंद होती हैं।

What is the eligibility criteria for BHMS? BHMS करने के लिए आपने क्या eligibility होनी चाहिए?

जैसे कि आप सभी जानते हैं कि कोई भी कोर्स करने के लिए आपमें कोई ना कोई eligibility criteria होनी आवश्यक होती है। उसी तरह BHMS कोर्स करने के लिए भी आप में कुछ eligibility होने आवश्यक है, बिना उसके आप यह कोर्स नहीं कर सकते।

  • 1) आपकी उम्र 17 वर्ष या 17 वर्ष से अधिक होनी आवश्यक है
  • 2) आप 10+2 में 50% अंक या उससे अधिक अंक से उत्तरण होने आवश्यक हैं
  • 3) आप 10+2 की पढ़ाई में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान ,भौतिक विज्ञान और इंग्लिश इन सब्जेक्ट के साथ पड़ी होने चाहिए।
  • 4) कई राज्यों में BHMS की एडमिशन की entrance exam MBBS और BDS के test के साथ ही परीक्षाएं रखी जाती है।

BHMS के लिए TOP colleges की कुछ सूची:

  • Government Homeopathic Medical College, Bangalore
  • National Institute of Homeopathy, Kolkata
  • Bakson Homeopathy Medical College and Hospital, Greater Noida
  • Calcutta Homeopathic Medical College, Calcutta
  • Smt. Chandaben Mohanbhai Patel Homoeopathic Medical College, Mumbai
  • Pt. Khushilal Sharma Government (Autonomous) Ayurveda College and Institute
  • Baba Farid University Of Health Sciences Faridkot
  • government medical college/ rajindra college, Punjab
  • Maharaja’s institute of medical college, Andhra Pradesh
  • janardan Rai nagar vidyapeeth University, udaipur
  • nehru Homoeopathic medical college and hospital, New Delhi
  • bharati vidyapeeth deemed University, Pune
  • madhav University, sirohi
  • vinayaka missions University, Salem
  • NTR University of health science, Vijayawada

इनके अलावा भी भारत में कई होम्योपैथी की hospital या University से या अपने करीबी University या
college से BHMS कोर्स कर सकते हैं।

अगर आपको चाहिए तो आप भारत के इन top colleges या फिर अन्य किसी colleges जो करीब में उपलब्ध हैं उनके बारे में रिसर्च करके उन के fees के बारे में जानकारी निकालकर उनमें से भी आप ये cource कर सकते हैं।

BHMS में पढ़ाए जाने वाले subjects ? BHMS में कौन कौन से SUBJECTS पढ़ाए जाते हैं ?

ऐसे ही कोई भी cource करने से पहले यह सबसे importent बात हो गई है, कि उसके बारे में सारी जानकारी जान लेना। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं। इसमें आपको कौन से कौन से SUBJECTS पढ़ाए जाएंगे और आपको कौन कौन सी चीजों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

  • organon of medicine
  • principle of Homoeopathic philosophy
  • anatomy
  • histology
  • embryology
  • Homoeopathic materia medica
  • forensic medicine
  • homeotherapeutic
  • gynaecology
  • community medicine

यह SUBJECTS BHMS कोर्स में पढ़ाए जाएंगे और आपको और उनके बारे में भी अधिक जानना है। तो सीधी सी बात है आपको यह पूरा cource करना पड़ेगा। तब जाकर ही आपको इस CourseE के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी और आप एक डॉक्टर कहे जाओगे।

BHMS के admission के लिए कुछ entrance exams :

  • NIH BHMS प्रवेश परीक्षा.
  • यूपी BHMS – कॉमन एंट्रेंस टेस्ट.
  • पीयू सीईटी (BHMS) प्रवेश परीक्षा.
  • राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET)

BHMS कि Fees.

अगर BHMS course के बारे में बात करें जैसा कि आपको पता है कि इस समय किसी भी course को आप करने चाहते हैं, तो उसकी fees कितनी ज्यादा होती है, जैसे कि BHMS भी मेडिकल क्षेत्र की एक बैचलर डिग्री है। जिसे करने के बाद आप एक डॉक्टर कहलाते हैं।

यदि किसी भी एक individual course की बात करें तो उनकी फीस अलग अलग चार्ज रखती है। सीधी सीधी बात यह है कि आपके BHMS के कोर्स की फीस आपके college या university पर depend करती है । जैसे कि मैंने आपको बताया कि ऊपर कई सारे इंडिया में ऐसे entrance exam रखे जाते हैं।

जिसके जरिए यदि आप उस entrance exam को crack करके आप admission ले सकते हैं, तो आपकी फीस कम भी हो सकते हैं अदर otherwise आप किसी अच्छे private University में course करेंगे तो उनमें कम से कम 2 से 3 लाख के लगभग fees तो होते ही हैं।

BHMS कितने वर्ष का होता है? duration of BHMS course?

जैसे कि आप जानती हैं कि कोई भी bachelor degree अधिक से अधिक 4 वर्ष की होती है। परंतु यह एक डॉक्टर की डिग्री है। जिसके कारण इसमें आपको सारे syllabus के exam clear करने के बाद आपको internship भी करना होता है। जिसके कारण इसमें थोड़ा अधिक टाइम जाता है।

BHMS करने के लिए पूरे मिलाकर 5 वर्ष और 6 महीने लगते हैं। इन पूरे 5½ सालों में क्या क्या होता है। मैं आपको बता देता हूं । BHMS का पूरा कोर्स 5½ सालों का होता है। जिसमें आपके पूरे syllabus complete कराए जाते हैं और आपको पूरे syllabus खत्म करने के बाद एग्जाम देने के बाद में 1 साल का internship होता है।

वह 1 साल का internship करने के बाद आपको डॉक्टर की डिग्री दे दी जाती है। तो 1 साल internship के और 4½ साल आप के syllabus complete इन टाइम को मिलाकर BHMS complete करने में पूरे 5½ वर्ष लगते हैं।

BHMS कोर्स क्यों करें? BHMS कोर्स करने के फायदे।

जैसे कि पहले भी मैंने आपको बताया कि BHMS होम्योपैथिक क्षेत्र में डॉक्टर बनने की डिग्री होती है। यदि आप ऐसे Course करते हैं, तो आपको होम्योपैथिक क्षेत्र के डॉक्टर के के रूप में जाना जाता है। आप एक डॉक्टर होते हैं। आप किसी भी पेशेंट का इलाज करने के काबिल होते हैं। तो जैसे कि आपको मैंने भी बताया कि अब इस वक्त होमियोपैथी क्षेत्र में लोगों का झुकाव ज्यादा देखने को मिल रहा है।

इंग्लिश दवाइयां असर तो जल्द करती हैं परंतु उनके side effects भी बहुत अधिक देखने मिलते हैं। तो ऐसी बीमारियां होती हैं जो कि कैसी भी दवाई खाई जाए जल्दी ठीक नहीं हो सकती। इंग्लिश दबाए हो या फिर कोई भी अन्य दवाइयां इन रोगों के इलाज के लिए वक्त लेती है।

इस अवस्था में अधिकतर लोगों द्वारा होम्योपैथिक दवाई का चुनाव करते देखा गया है, क्योंकि इंग्लिश दवाएं यदि अधिक समय तक खाई जाती है तो उन दवाइयों के कारण हमारे शरीर पर उन दवाइयों का side effects / दुष्प्रभाव पड़ता है, परंतु होम्योपैथिक दवाइयों को यदि लंबे समय तक इलाज के लिए ली जाती हैं, तो इसके दुष्प्रभाव नहीं करती।

इसलिए आप एक BHMS डॉक्टर होने के कारण किसी एक क्षेत्र जैसे कि जैसे बाल रोग, बांझपन, मनोरोग, त्वचा विशेषज्ञ, आदि। इन क्षेत्रों के विशेषज्ञ बन सकते हैं और इनका इलाज आप कर सकते हैं।

BHMS करने के बाद आप आगे क्या कर सकते हैं?

जैसे कि आप जानते हैं कि कोई भी डिग्री करने के बाद में आप उसकी मास्टर्स डिग्री या उसे ऊपर की डिग्री प्राप्त कर सकते है। उनके एक अच्छे स्पेशलिस्ट बनकर आप उनकी प्रैक्टिस कर सकते हैं।

यदि आप BHMS की डिग्री करने के बाद में उनके बारे में और अधिक ज्ञान प्राप्त करना चाहते है। तो उसके बारे में और सीखना चाहते हैं तो आप उसके ऊपर की भी डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। जो कि मैंने नीचे दी हुई है

MD Homeopathy,
M.Sc Anatomy

or

M. Sc Dental Materials

BHMS करने के बाद में आप कौन-कौन से प्रोफेशन चुन सकते हैं? opportunity after doing BHMS?

जैसा कि आप जानते हैं कि BHMS एक मेडिकल क्षेत्र की डिग्री है। यह करने के बाद में आप मेडिकल क्षेत्र में किसी भी ग्रुप में या फिर किसी भी मेडिकल विशेषक/जानकार के रूप में काम कर सकते हैं। BHMS करने के बाद आपके पास ढेरों opportunity होती है।

यह आप पर निर्भर करता है कि आप क्या करना चाहते हैं।कौन-कौन सी profession अपनाने की आपके पास है opportunity जो कि आपका सकते हैं। उनकी कुछ list हमने दी हुई है। इसके अलावा भी आप चाहे तो और कुछ कर सकते हैं।

BHMS बैचलर डिग्री होने की नात कारण अगर आप चाहे तो भी उसके बारे में और आगे जानकारी प्राप्त करना चाहें तो आप इसकी मास्टर्स डिग्री कर सकते हैं।

होम्योपैथिक ट्रीटमेंट कि न केवल भारत में ही मांग है।बल्कि उनकी दूसरे देशों में भी इसकी काफी ज्यादा मांग बढ़ने लगी है। जिसके कारण आपको दूसरे देशों में भी मौके मिल सकते।

BHMS करने के बाद में आप एक डॉक्टर बन चुके होते हैं। तो आप चाहें तो अपना खुद का एक clinics भी open कर सकते हैं।

BHMS करने के बाद आप एक डॉक्टर है। आपको इसके बारे में पूर्ण जानकारी होती है, इसलिए आप एक मेडिकल स्टोर भी आराम से चला सकते हैं।

BHMS की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात आप एक therapist के रूप में भी काम कर सकते हैं।

BHMS की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात आपको सरकारी या प्राइवेट अस्पताल इन दोनों में ही अस्पतालों में ही नौकरी मिल सकती है।

BHMS करने के पश्चात आप को कितनी सैलरी मिल सकती हैं?

यदि किसी कोर्स को करने के बाद आपको कितनी सैलरी मिलेगी यह कोई भी एकदम सही नहीं बता सकता। सभी एक अंदाजा ही बता सकते हैं, क्योंकि यह आप किस स्थान पर JOB करते हैं। उस पर depend करता है कि वह आपको कितनी अच्छी सैलरी पैकेज provide करते हैं।

लेकिन सामान्य तौर पर अधिकतर देखा गया है कि एक BHMS किया हुआ student कि starting में उसे ₹30 हजार से ₹50 हजार /month की सैलरी मिलती है।

लेकिन जैसा कि मैंने आपको अपनी post में बताया है कि BHMS करने के बाद में केवल आपके पास एक ही OPTION नहीं होता कि आपको केवल Job करनी है या आप पर depend होता है, कि आप को करना चाहते हैं।

आप चाहे तो कोई job करके experience बढ़ाने के बाद आपको अच्छी सैलरी मिल सकती हैं या फिर आप अपना खुद का clinic खोलकर लाखों महीने के कमा सकते हैं।

BHMS करने के बाद में आप होम्योपैथिक के डॉक्टर कहलाते हैं। इसका अर्थ यह होता है, कि आपको होम्योपैथिक की पूर्ण जानकारी है। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसका किस तरह इस्तेमाल करके अपने जीवन को चलाने के लिए कितने, कहां से और किस तरह से पैसे कमाते हैं।


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